गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज “मोर अंगना के शोर” का भव्य विमोचन, साहित्यकार शिवकुमार बंजारे हुए सम्मानित

TCN TIMES NEWS PANDRIYA: राजधानी रायपुर स्थित वृंदावन हॉल में साझा बाल काव्य संग्रह ‘मोर अंगना के शोर’ का भव्य विमोचन छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री माननीय केदार कश्यप के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी, भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ की प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. गीतादेवी तथा राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका के. शारदा उपस्थित रहीं।
चिन्हारी साहित्य समिति, छत्तीसगढ़ एवं साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार के संयुक्त तत्वावधान में प्रकाशित इस साझा बाल काव्य संग्रह को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में भी स्थान प्राप्त हुआ है। इस पुस्तक में कबीरधाम जिले के पण्डरिया विकास खंड अंतर्गत शास. प्राथ. शाला केशलीगोड़ान के साहित्यकार शिवकुमार बंजारे प्रधान पाठक की रचनाएं “पेड़ लगाबोन” तथा “चंदा मामा” छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा में बाल कविताएं प्रथम पंक्ति में प्रकाशित हुई हैं। विमोचन समारोह में शिवकुमार बंजारे को उनके उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए मुख्य अतिथि के करकमलों से प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।

बालवाड़ी एवं प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस पुस्तक की विशेषता यह है कि रचना के साथ क्यूआर कोड दिया गया है। इसे स्कैन कर बच्चे संबंधित रचनाकार की आवाज़ में कविता सुन सकते हैं। यह डिजिटल नवाचार दृष्टिबाधित बच्चों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।
संपादक वीरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि लगभग छः माह के सतत प्रयास से तैयार इस पुस्तक में हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के 20 विषयों पर आधारित बाल कविताएं शामिल है। पुस्तक का निर्माण एफएलएन, नई शिक्षा नीति-2020 तथा समावेशी शिक्षा के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
समारोह में उपस्थित अतिथियों, साहित्यकारों एवं शिक्षकों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे बाल साहित्य, मातृभाषा संवर्धन और शैक्षिक नवाचार की दिशा में एक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक पहल बताया।














