कवर्धा से दिल्ली तक मचेगी धूम: देश की मशहूर आर्ट गैलरी में सजेगी बलबीर, गौरंग और नीलिका की पेंटिंग्स..

TCN TIMES NEWS KAWARDHA: कबीरधाम जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि यहाँ की माटी की कला अब देश की राजधानी में अपनी चमक बिखेरने जा रही है। नई दिल्ली के प्रसिद्ध कला केंद्र ‘लोकायता आर्ट गैलरी’ (हौज खास विलेज) में आगामी 7 से 9 अगस्त 2026 तक एक राष्ट्रीय समूह चित्रकला प्रदर्शनी ‘द पेंटेड प्रेयर’ का आयोजन होने जा रहा है। इस प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में देश के चुनिंदा समकालीन कलाकारों के साथ कबीरधाम जिले के तीन प्रतिभावान चित्रकारों की कलाकृतियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन देश के विख्यात ‘रेनबो आर्ट ग्रुप’ द्वारा किया जा रहा है। इसमें छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए देश-विदेश में अपनी कला का लोहा मनवा चुके वरिष्ठ चित्रकार बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा, युवा कलाकार गौरंग कुलमित्र और नीलिका चंद्राकर की अनूठी पेंटिंग्स प्रदर्शित की जाएंगी।
प्रदर्शनी में दिखेगी ‘भोरमदेव बैगा आर्ट’ की अनूठी झलक
इस राष्ट्रीय मंच पर वरिष्ठ चित्रकार बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई ‘भोरमदेव बैगा आर्ट’ (Bhoramdeo Baiga Art) की मनमोहक प्रदर्शनियों को भी लगाया जाएगा। वनांचल क्षेत्र की बैगा जनजाति की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उनकी जीवनशैली और ऐतिहासिक भोरमदेव क्षेत्र की कला व संस्कृति को दर्शाती ये कृतियाँ दिल्ली के कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेंगी।
देशभर के 43 दिग्गज कलाकार बिखेरेंगे अपनी कला का जादू
इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 43 चुनिंदा चित्रकार हिस्सा ले रहे हैं। कबीरधाम (छत्तीसगढ़) के तीन कलाकारों के अलावा इसमें असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, जम्मू और दिल्ली (NCR) के नामचीन चित्रकार शामिल हैं।
इन प्रमुख राज्यों और शहरों से आ रहे हैं कलाकार:
छत्तीसगढ़: कबीरधाम (कवर्धा) से बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा, गौरंग कुलमित्रा और नीलिका चंद्राकर।
राष्ट्रीय मंच पर दिखेगा कबीरधाम का हुनर
वरिष्ठ चित्रकार बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों की समृद्ध कला और समकालीन सोच को एक साझा मंच प्रदान करना है। कबीरधाम जैसे वनांचलर्न और ऐतिहासिक क्षेत्र के कलाकारों का इस राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में चुना जाना और यहाँ की पारंपरिक ‘भोरमदेव बैगा आर्ट’ को राष्ट्रीय पटल पर स्थान मिलना केवल जिले के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की लोक कला और संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
कबीरधाम क्षेत्र में खुशी की लहर
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रदर्शनी में स्थानीय कलाकारों के चयन और विशेष रूप से जनजातीय कला के प्रदर्शन की खबर मिलते ही कबीरधाम और विशेषकर पंडरिया क्षेत्र के कला प्रेमियों, बुद्धिजीवियों और नागरिकों में भारी उत्साह है। सभी ने तीनों कलाकारों को इस शानदार सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि उनकी कला दिल्ली के मंच पर छत्तीसगढ़ का नाम और ऊंचा करेगी।














