जनपद अध्यक्ष के गृह ग्राम में बच्चों के भविष्य पर जर्जर भवन का साया..
मोहतरा खुर्द के स्कूल में खेल मैदान के बीच खड़ा डिस्मेंटल योग्य भवन, व्यवस्था की पोल खोल रहा बदहाल स्कूल परिसर

TCN TIMES NEWS PANDRIYA: जनपद पंचायत पंडरिया की अध्यक्ष नंदिनी साहू के गृह ग्राम पंचायत मोहतरा खुर्द में शासकीय प्राथमिक शाला की बदहाल व्यवस्था ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्कूल में बच्चों के भविष्य की नींव मजबूत होनी चाहिए, वहां खेल मैदान के बीचों-बीच खड़ा पुराना जर्जर भवन बच्चों के विकास के रास्ते में रोड़ा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन लंबे समय से जर्जर है और डिस्मेंटल किए जाने योग्य स्थिति में है, लेकिन इसे हटाने की दिशा में जिम्मेदारों की ओर से गंभीर पहल नजर नहीं आ रही है।
बच्चों के खेल मैदान पर जर्जर भवन का कब्जा

बच्चों के लिए खेल मैदान केवल खाली जमीन नहीं, बल्कि उनके शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। लेकिन मोहतरा खुर्द प्राथमिक शाला में मैदान का उपयोग ही व्यवस्थित रूप से नहीं हो पा रहा है। मैदान के बीच मौजूद पुराना भवन न केवल खेल गतिविधियों में बाधा बन रहा है, बल्कि उसकी जर्जर स्थिति के कारण स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भवन उपयोग के योग्य नहीं है और उसे हटाने की जरूरत है, तो आखिर उसे वर्षों से मैदान के बीच क्यों खड़ा रखा गया है? क्या जिम्मेदार किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
गृह ग्राम की बदहाली ने खोल दी जनपद व्यवस्था की पोल!
ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि जिस ग्राम पंचायत से जनपद पंचायत पंडरिया की अध्यक्ष का संबंध है, उसी गांव के सरकारी स्कूल में बच्चों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। ऐसे में जनपद पंचायत पंडरिया के अन्य गांवों के स्कूलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि जनपद पंचायत की कमान संभालने वाले जनप्रतिनिधियों की पहली जिम्मेदारी अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देना है। यदि गृह ग्राम के स्कूल में ही जर्जर भवन हटाने और खेल मैदान को व्यवस्थित कराने जैसी समस्या लंबित है, तो जनपद क्षेत्र के दूरस्थ गांवों के बच्चों की समस्याओं पर कितनी गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा होगा, यह बड़ा सवाल है।
बच्चों का भविष्य या जिम्मेदारों की अनदेखी?

सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा, खेलकूद और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, लेकिन मोहतरा खुर्द की तस्वीर इन दावों पर सवाल खड़े करती नजर आती है। एक ओर बच्चों के सर्वांगीण विकास की बातें होती हैं, वहीं दूसरी ओर स्कूल के मैदान में खड़ा जर्जर भवन बच्चों की खेल गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या दिखाई देने के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यही वजह है कि अब ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत, शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासन से तत्काल स्कूल परिसर का निरीक्षण कराने की मांग की है। जर्जर भवन की तकनीकी जांच कराकर नियमानुसार डिस्मेंटल करने की कार्रवाई की जाए और मैदान को पूरी तरह बच्चों के उपयोग के लिए सुरक्षित बनाया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के भविष्य से जुड़ी सुविधा किसी राजनीतिक पद या प्रशासनिक प्राथमिकता की मोहताज नहीं होनी चाहिए। यदि जनपद अध्यक्ष के गृह ग्राम में ही ऐसी स्थिति बनी हुई है, तो जनपद पंचायत की निगरानी और जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब देखना यह है कि खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हैं या फिर बच्चों के खेल मैदान पर खड़ा यह जर्जर भवन यूं ही व्यवस्था की अनदेखी का मूक गवाह बना रहेगा।










