विकासखंड साजा के प्रधान पाठक धनेश रजक की बाल पुस्तक का भव्य विमोचन, साहित्य सृजन एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हुए सम्मानित

TCN TIMES NEWS BEMETRA: हमर चिन्हारी साहित्य समिति छत्तीसगढ़ एवं साहित्य लेखन रिसोर्स शिक्षक परिवार छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित भव्य पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह में विकासखंड साजा, जिला बेमेतरा के शासकीय प्राथमिक शाला खपरी धोबी के प्रधान पाठक धनेश रजक द्वारा लिखित बाल पुस्तक “नन्हे बच्चों की 20 मीठी-मीठी कविताएँ” का विशेष विमोचन माननीय अनुज शर्मा, विधायक धरसींवा सहित विशिष्ट अतिथियों के करकमलों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर साझा बाल काव्य संग्रह “मोर अंगना के शोर” में साहित्यिक सहभागिता के लिए प्रधान पाठक धनेश रजक को माननीय केदार कश्यप (कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन), माननीय अनुज शर्मा (विधायक, धरसींवा), श्री अमित चिमनानी (सीए एवं भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रवक्ता), श्रीमती डॉ. गीता देवी सिंह तथा सुश्री के. शारदा (राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका, दुर्ग) के करकमलों से सहभागिता सम्मान प्रमाणपत्र, स्मृति-चिह्न एवं पुस्तक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री माननीय केदार कश्यप ने साझा बाल काव्य संग्रह “मोर अंगना के शोर” की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि लगभग 50 शिक्षक-शिक्षिकाओं के सामूहिक प्रयास से तैयार यह काव्य संग्रह बच्चों के हित में एक उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने पुस्तक के उत्कृष्ट समन्वय की प्रशंसा करते हुए उपस्थित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं से अपने-अपने अंचल, संस्कृति एवं स्थानीय परिवेश पर आधारित साहित्य का सृजन करने का आह्वान किया।
माननीय विधायक अनुज शर्मा ने प्रधान पाठक धनेश रजक द्वारा लिखित पुस्तक “नन्हे बच्चों की 20 मीठी-मीठी कविताएँ” का अवलोकन करते हुए इसे अत्यंत सुंदर, आकर्षक एवं बालकों के लिए उपयोगी पुस्तक बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों में पठन-पाठन की रुचि विकसित करने तथा रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल है।

उल्लेखनीय है कि साझा बाल काव्य संग्रह “मोर अंगना के शोर” में धनेश रजक की दो रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। पहली कविता “मत काटो तुम इन पेड़ों को” पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश देती है, जबकि दूसरी बाल कविता “आ नहा लो बेटा, आज शनिवार है” बस्ता-विहीन शनिवार की अवधारणा पर आधारित एक मनोरंजक, शिक्षाप्रद एवं प्रेरक गीत है।
कार्यक्रम में “मोर अंगना के शोर” के प्रमुख संपादक एवं प्रधान पाठक वीरेन्द्र कुमार साहू ने धनेश रजक को सफल मंच संचालन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभारी के रूप में उत्कृष्ट दायित्व निर्वहन के लिए विशेष बधाई देते हुए कहा कि “धनेश रजक केवल एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट लेखक, सफल मंच संचालक, कुशल नेतृत्वकर्ता, गायक, कोरियोग्राफर तथा बच्चों के हित में सदैव समर्पित रहने वाले प्रधान पाठक हैं। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं और शिक्षा तथा साहित्य दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।”
धनेश रजक द्वारा लिखित “नन्हे बच्चों की 20 मीठी-मीठी कविताएँ” पुस्तक आकर्षक रंगीन चित्रों से सुसज्जित है तथा बच्चों की रुचि, भाषा विकास, नैतिक मूल्यों एवं रचनात्मक अभिरुचि को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उपस्थित सभी अतिथियों ने पुस्तक की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे बाल साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय योगदान बताया।
पुस्तक विमोचन एवं सम्मान प्राप्त होने पर विकासखंड साजा के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने धनेश रजक को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय बताया।
कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती ज्योति बनाफर (बेमेतरा) एवं मारुति शर्मा (बालोद) ने किया, जबकि सांस्कृतिक मंच का प्रभावशाली संचालन प्रधान पाठक धनेश रजक ने किया। उनके सशक्त संचालन, सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं आयोजन कौशल की उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने भरपूर सराहना की।
इस अवसर पर “मोर अंगना के शोर” के प्रमुख संपादक वीरेन्द्र कुमार साहू, संरक्षक श्रीमती ऋचा सिंह, हमर चिन्हारी साहित्य समिति छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष मीना रानी दुबे, समिति के पदाधिकारी, साहित्यकार, शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं दर्शकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम साहित्य, शिक्षा एवं बाल सृजन को समर्पित एक गरिमामय, प्रेरणादायी एवं यादगार आयोजन के रूप में संपन्न हुआ।


