पंडरिया: खाट पर मरीज ढोना मजबूरी, गांव तक नहीें पहुंच पाती एंबुलेंस, कच्ची सड़क है बदहाल.. ग्रामीणों को समस्या
TCN TIMES NEWS PANDRIYA: ग्राम पंचायत घुटुरकुंडी के पर्णकुटी मोहल्ले में सिर्फ 1 किलोमीटर की सड़क लोगों के लिए जिंदगी और मौत के बीच का रास्ता बन गई है। मुख्य मार्ग से मोहल्ले तक आज भी पक्की सड़क नहीं है। बारिश में यह कच्चा रास्ता कीचड़ और फिसलनभरा हो गया है। ऐसे में 108 एंबुलेंस मोहल्ले तक नहीं पहुंच पाती।
किसी मरीज की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे खाट पर लिटाकर कंधे पर उठाते हैं और कीचड़ भरे रास्ते से मुख्य सड़क तक ले जाते हैं। हरिशंकर तिवारी समेत अन्य ग्रामीणों का दावा है कि पिछले दो वर्षों में समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर खाट से मुख्य मार्ग तक ले जाते समय रास्ते में ही प्रसव हो गया था। हालांकि, इन घटनाओं का सड़क की स्थिति से सीधा संबंध होने की प्रशासनिक पुष्टि नहीं है। ग्रामीणों के लिए यह परेशानी नई नहीं है। कई बार शिकायत के बाद भी सड़क का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
पर्णकुटी के ग्रामीणों के अनुसार, बारिश में मुख्य मार्ग से मोहल्ले तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क की हालत बेहद खराब है। कीचड़ और फिसलन के कारण एंबुलेंस को अंदर ले जाना मुश्किल है। आपात स्थिति में जिस एंबुलेंस को मरीज के घर तक पहुंचना चाहिए, उससे पहले ग्रामीणों को खुद मरीज को सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। इसी दौरान तेज बारिश होती है तो परेशान और बढ़ जाती है।
ग्राम पंचायत घुटुरकुंडी जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक- 2 और जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक- 8 अंतर्गत आता है। यहां जिला पंचायत क्षेत्र की सदस्य अन्नपूर्णा रामगोपाल चंद्राकर हैं। वहीं जनपद क्षेत्र की सदस्य अंजनी रमेश साहू हैं। क्षेत्रीय सदस्य होने के नाते पक्की सड़क बनवाने की प्राथमिक जिम्मेदारी दोनों की है। लेकिन वे भी इस सड़क को नहीं बनवा पा रहे हैं। जिपं सदस्य बोलीं- बहुत कोशिश की, सीईओ को आवेदन भी दिए, इसके बावजूद सड़क नहीं बनीं। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक- 2 की सदस्य अन्नपूर्णा चंद्राकर ने कहा कि पर्णकुटी की सड़क के लिए बहुत कोशिश कर रहे हैं।
इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ के पास आवेदन भी दिए हैं। सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है, तो फिलहाल मुरुमीकरण का काम कराया। जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक- 8 की सदस्य अंजनी रमेश साहू ने कहा कि सड़क निर्माण के लिए प्रशासन के नियम हैं और उसी आधार पर विधायक को समस्या से अवगत कराया है। उनका कहना है कि छोटा-मोटा काम होता तो वे अपने स्तर पर देख सकते थे, लेकिन मामला 1 किलोमीटर लंबी सड़क का है।
पर्णकुटी में करीब 200 ग्रामीण रहते हैं। इनमें करीब 50 स्कूली बच्चे हैं। बच्चों को पढ़ाई के लिए करीब 3 किलोमीटर पैदल जाना पड़ता है। बारिश के दौरान यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया है। बच्चे फिसलकर गिरते हैं और कई बार चोट भी लगती है। कपड़े और किताबें खराब होने की परेशानी अलग है।














