कबीरधाम के उत्कृष्ठ व्याख्याता संतोष साहू को मिलेगा राज्यपाल पुरस्कार..

TCN TIMES NEWS KAWARDHA: विकासखंड पंडरिया के अंतर्गत वनांचल क्षेत्र में स्थित शासकीय हाई स्कूल सोमनापुर (नया) के उत्कृष्ट व्याख्याता संतोष कुमार साहू ने सीमित संसाधनों के बीच नवाचार और गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की ललक पैदा की है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आगामी 5 सितंबर 2026 को लोकभवन के ‘छत्तीसगढ़ मंडपम’ में छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल महामहिम रमेन कुमार डेका के करकमलों द्वारा व्याख्याता संतोष कुमार साहू को प्रतिष्ठित ‘राज्यपाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा।
विद्यालय को पहुंचाया नई ऊंचाइयों पर:
उन्होंने अपनी रचनात्मकता से विद्यालय को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। उनके अथक प्रयासों से यह साधारण ग्रामीण स्कूल जिले का पहला ‘तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान’ बना। उनके मार्गदर्शन में स्कूल के छात्रों ने राज्य की मेरिट सूची से लेकर जापान यात्रा तक में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
नवाचारी शिक्षा और जन-जागरूकता:
संतोष जी ने मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को शिक्षण का आधार बनाते हुए स्थानीय और कम लागत वाली सामग्री से ‘शिक्षण-अधिगम सामग्री’ (TLM) तैयार की। सतत पालक संपर्क, बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, स्वच्छता, वृक्षारोपण, नशामुक्ति और बाल विवाह निषेध जागरूकता अभियानों में भी उन्होंने बच्चों एवं अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। स्वयं के व्यय एवं जनसहयोग से उन्होंने शाला भवन को आकर्षक एवं परिसर को हरा-भरा बनाया।
प्राइवेट स्कूलों के बच्चे भी आ रहे पढ़ने:
यहां की बेहतर पढ़ाई से प्रभावित होकर प्राइवेट एवं अन्य स्कूलों के छात्र भी यहां अध्ययन करने के लिए आते हैं, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय में बच्चों की दर्ज संख्या (Enrollment) में लगातार वृद्धि हुई है। खेल, चित्रकला और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चे सहज ही सीखने के प्रति आकर्षित होते हैं।
बहुआयामी गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन:
विविध शैक्षिक गतिविधियों जैसे- बाल विज्ञान कांग्रेस, राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता, ओलंपियाड और श्रेष्ठ इको क्लब में स्कूल का प्रदर्शन शानदार रहा है। इसके अलावा शत-प्रतिशत बोर्ड परीक्षा परिणाम, कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक (Remedial) शिक्षा, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को सहायता, निःशुल्क स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाना, ग्रीष्मकालीन समर कैंप का आयोजन और सतत एवं व्यापक मूल्यांकन उनके प्रमुख कार्यों में शामिल है। बच्चों को शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए विशेष रूप से पुरस्कृत भी किया जाता है।
50 से अधिक पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित:
व्याख्याता संतोष कुमार साहू को पूर्व में भी मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण (श्रेष्ठ प्राचार्य), शिक्षा श्री, उत्कृष्ट व्याख्याता, राधाकृष्णन सम्मान, 100% परीक्षा परिणाम सम्मान, विकसित भारत संकल्प अभियान और बाल संरक्षण सम्मान सहित 50 से अधिक पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित होने पर उनके परिजनों, मित्रों, विद्यार्थियों एवं अंचल के शिक्षक-शिक्षिकाओं में हर्ष का माहौल है।










