पंडरिया में 14 से 23 सितंबर तक होगा भव्य श्रीमद्भागवत कथा एवं भक्तिमय ज्ञान यज्ञ..

पूर्वजों एवं दिवंगत परिजनों की मोक्ष-शांति की कामना के साथ दस दिवसीय धार्मिक आयोजन..
TCN TIMES NEWS PANDRIYA: पंडरिया नगर में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत श्रीमद्भागवत कथा एवं भक्तिमय ज्ञान यज्ञ का आयोजन आगामी 14 से 23 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन पूर्वजों एवं दिवंगत परिजनों की आत्मिक शांति, मोक्ष तथा परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
आयोजन के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का रसपान कराया जाएगा। कथा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। कथा वाचन महाराज श्री आनंद तिवारी द्वारा किया जाएगा।
जलयात्रा से होगा धार्मिक आयोजन का शुभारंभ दस दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का शुभारंभ 14 सितंबर को जलयात्रा एवं वेदी पूजन के साथ होगा। इसके बाद प्रतिदिन श्रीमद्भागवत के विभिन्न आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का वाचन किया जाएगा।
15 सितंबर को सृष्टि विषयक प्रसंग एवं हिरण्याक्ष वध, 16 सितंबर को देवहूति-कर्दम प्रसंग एवं सती चरित्र तथा 17 सितंबर को ध्रुव एवं प्रह्लाद चरित्र का वर्णन किया जाएगा।
इसी क्रम में 18 सितंबर को देवासुर संग्राम, वामन-बली प्रसंग एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्म, 19 सितंबर को भगवान श्रीकृष्ण के बाल चरित्र एवं गोवर्धन पूजा तथा 20 सितंबर को श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग एवं विवाह वर्णन होगा।
वहीं 21 सितंबर को यदुवंश प्रसंग एवं परीक्षित मोक्ष, 22 सितंबर को गीताप्रवचन एवं परीक्षित पिंडदान तथा 23 सितंबर को वार्षिक श्राद्ध एवं ब्राह्मण भोज के साथ धार्मिक आयोजन का समापन होगा।
पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सनातन परंपरा का संदेश
आयोजकों का उद्देश्य इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से पूर्वजों एवं दिवंगत परिजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना तथा उनकी मोक्ष एवं शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान करना है। साथ ही श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, सदाचार, धर्म, कर्म और जीवन मूल्यों का संदेश प्राप्त होगा।
आयोजकों निर्मला देवी तिवारी एवं साविता तिवारी, पंडरिया, जिला कबीरधाम की ओर से क्षेत्र के श्रद्धालुओं को कथा में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित कथा श्रवण कर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण का लाभ लेने की अपील की है।
यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता की भावना को समर्पित दस दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के रूप में आयोजित किया जाएगा।










