मंडी बोर्ड में ईमानदार एमडी को हटाने की साजिश..

बाबू और ड्राइवर से प्रमोट हुए अफसरों की एमडी की कुर्सी पर नजर, यूनियन ने खोली पोल..
TCN TIMES NEWS RAIPUR: छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी की निष्पक्षता एवं सख्त कार्यप्रणाली से विभाग में मलाईदार पदों की चाह रखने वाले अधिकारियों में बेचैनी बढ़ने का आरोप लगाया गया है। मंडी बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने एमडी को हटाने की कथित साजिश को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

यूनियन का आरोप है कि कुछ अधिकारी अपने निजी स्वार्थों की पूर्ति के लिए प्रबंध संचालक की कुर्सी पर नजर गड़ाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कमलेश एक्का सहित कुछ अधिकारियों की पदोन्नति और प्रशासनिक रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में हैं। आरोप है कि सामान्य बाबू से पदोन्नत होकर उच्च पदों तक पहुंचे कुछ अधिकारी अब एमडी बनने की महत्वाकांक्षा पाले हुए हैं।
वहीं, मंडी बोर्ड के एक अन्य प्रमुख चेहरे डॉ. मलिक राम पोर्ते को लेकर भी चर्चा है। बताया जाता है कि उन्होंने ड्राइवर के रूप में सेवा की शुरुआत की थी और पदोन्नति प्राप्त करते हुए संयुक्त संचालक के पद तक पहुंचे। पोर्ते पर भी पूर्व में भ्रष्टाचार एवं पद के दुरुपयोग के आरोप लग चुके हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासनिक रिकॉर्ड पर उठ रहे गंभीर सवाल
मंडी बोर्ड में अधिकारियों की पदोन्नति, नियुक्ति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यूनियन का कहना है कि यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। किसी ईमानदार अधिकारी को हटाने के लिए साजिश रचना विभागीय हितों के विपरीत है।
यूनियन अध्यक्ष ने सवन्नी का किया समर्थन
मामले में मंडी बोर्ड कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष चुन्नीलाल ध्रुव से चर्चा की गई। उन्होंने प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। अध्यक्ष ध्रुव ने कहा कि सवन्नी ईमानदार, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप कार्य करने वाले अधिकारी हैं। उनके जैसा अधिकारी मिलना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड के आम कर्मचारी भी एक सुर में सवन्नी का समर्थन करते हैं। विभाग में पारदर्शिता










