राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की गूंज..

TCN TIMES NEWS PANDRIYA: राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हुए कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला रहमान कापा के शिक्षक लक्ष्मण बांधेकर ने हैदराबाद में आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला “हमारी सांस्कृतिक विविधता” में सहभागिता की। सफल सहभागिता के लिए उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
14 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 73 शिक्षक शामिल
सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT), क्षेत्रीय केंद्र, हैदराबाद द्वारा आयोजित यह कार्यशाला 7 से 16 सितंबर 2026 तक हुई। इसमें असम, बिहार, चंडीगढ़, गुजरात, गोवा, झारखंड, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित 14 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 73 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं, कला, हस्तशिल्प, लोकगीत, लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक विरासत से प्रतिभागियों को परिचित कराना तथा इन्हें विद्यालयीन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया से जोड़ना रहा।

सांस्कृतिक विरासत से कराया गया परिचय
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक विरासत को गहराई से समझने के लिए हैदराबाद के प्रमुख सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। प्रतिभागियों ने शिल्पारमम, सालार जंग संग्रहालय, कुतुब शाही मकबरे एवं गोलकुंडा किला का भ्रमण कर वहां की कला, संस्कृति, इतिहास, स्थापत्य एवं विरासत को करीब से जाना।
राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
कार्यशाला के दौरान लक्ष्मण बांधेकर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत एवं सांस्कृतिक परंपराओं की प्रस्तुति दी गई। कर्मा, ददरिया, सुआ, पंथी, राउत नाचा एवं बस्तरिहा सहित प्रदेश की विविध लोककलाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
इस सांस्कृतिक प्रस्तुति को प्रभावी एवं आकर्षक बनाने में विभिन्न जिलों से शामिल शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें किरण देवांगन एवं सोनाली देवांगन (धमतरी), सुरेंद्र कुमार (सक्ती), सुनील टोप्पो (सूरजपुर), सुरेखा गोटा (कांकेर) एवं सत्या सूर्यवंशी (जांजगीर) शामिल रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन सुशील चंद्राकर (धमतरी), राजेंद्र साहू एवं भूपेंद्र साहू (बेमेतरा) ने किया, जबकि रामावतार वर्मा (बलौदाबाजार) ने आभार व्यक्त किया। सभी प्रतिभागियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अधिकारियों का मिला मार्गदर्शन एवं सहयोग
CCRT, क्षेत्रीय केंद्र, हैदराबाद की प्रभारी वाई. चंद्रशेखर एवं क्षेत्रीय अधिकारी एम. सौंदर्या कौशिक के मार्गदर्शन एवं सहयोग से कार्यशाला संपन्न हुई।
राष्ट्रीय स्तर की इस सहभागिता के लिए राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के अधिकारियों का भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ। इसमें आयुक्त किरण कौशल, उप संचालक दिनेश कौशिक, सहायक संचालक मंजूलता साहू तथा सहायक कार्यक्रम समन्वयक राखी सिन्हा का विशेष मार्गदर्शन रहा।
जिला स्तर पर जिला मिशन समन्वयक विनोद श्रीवास्तव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर तथा खंड स्रोत समन्वयक राम मुरारी यादव का सहयोग एवं प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
स्थानीय संस्कृति को शिक्षा से जोड़ने की पहल
लक्ष्मण बांधेकर की यह सहभागिता छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर रही। साथ ही, यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप स्थानीय संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा, लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत को विद्यालयीन शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।










