गरबा क्वीन बनी शिवानी गुप्ता, गरबा प्रिंसेस का खिताब निहारिका ठाकुर के नाम, ऐतिहासिक रहा संस्कृति महिला ग्रुप का तीन दिवसीय गरबा, 150 प्रतिभागियों ने गरबा पर बिखरे जलवा..

साहस, संस्कृति और स्वाभिमान का महासंगम बना संस्कृति महिला ग्रुप का ऐतिहासिक गरबा महोत्सव
150 से अधिक प्रतिभागियों ने बिखेरा जलवा, तीन दिन तक गरबा की धुन पर थिरकता रहा आत्मानंद स्कूल मैदान
उत्कृष्ट विधायक भावना बोहरा और धर्मजीत सिंह ठाकुर ने की सराहना और बढ़ाया महिलाओं का हौसला
TCN TIMES NEWS PANDRIYA: सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए प्रसिद्ध, नगर का सबसे बड़ा 30 सदस्यीय संस्कृति महिला ग्रुप अपने नाम के अनुरूप ही संस्कार और संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य निरंतर कर रहा है। इसी कड़ी में ग्रुप द्वारा 15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक पीएम श्री आत्मानंद स्कूल मैदान, पंडरिया में तीन दिवसीय भव्य ऐतिहासिक गरबा महोत्सव का सफल आयोजन किया गया।
नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित यह गरबा महोत्सव केवल एक नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, कला और नारी शक्ति के साहस व आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया। जहाँ कभी महिलाएं कार्यक्रम में आने से झिझकती थीं, वहीं आज स्वयं महिलाओं द्वारा इतना विशाल आयोजन करना इस बात का प्रमाण है कि पंडरिया नगर तेजी से बदल रहा है और महिलाएं सशक्त हो रही हैं।।

तीन दिन, तीन अलौकिक थीम – भक्तिमय हुआ नगर
इस वर्ष के गरबा की मुख्य थीम आस्था के रंग, संस्कृति के संग रखी गई थी।
प्रथम दिवस – 15 अक्टूबर : महाकाल का दरबार – गरबा महोत्सव के भव्य शुभारंभ में महाकाल की दिव्य झांकी सजाई गई। उज्जैन के महाकाल दरबार की झलक, महाआरती, शंखनाद, डमरू की गूंज और भक्तिमय वातावरण ने दर्शकों को अध्यात्म से भर दिया।
द्वितीय दिवस – 16 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ की झलक – दूसरे दिन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परम्परा पर आधारित विशेष प्रस्तुतियाँ दी गईं। पारंपरिक वेशभूषा में माता रानी की आराधना करते हुए हुआ,कर्मा,पंथी ,राउत नाचा के गीत पर गरबा नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। इस दिन की मुख्य अतिथि पंडरिया विधायक भावना बोहरा रहीं, जो स्वयं महिलाओं के साथ गरबा की धुन पर थिरकीं और महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
तृतीय दिवस – 17 अक्टूबर : समापन एवं सम्मान – समापन समारोह के मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में इंटरसिटी बिलासपुर के संचालक सुरेंद्र छाबड़ा, चंद्रकुमार सोनी, एल्डरमेन यशपाल छाबड़ा, भास्कर देवांगन, आकाश ठाकुर, गणेश यादव, रोमी सलूजा सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि , व्यापारी गण उपस्थित थे।

गरबा के सितारे – इन्हें मिला ताज
तीन दिनों तक चले इस महोत्सव में निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के उत्साह, वेशभूषा और नृत्य कला के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया।
– गरबा क्वीन – शिवानी गुप्ता
– गरबा प्रिंस – निहारिका ठाकुर
– गरबा महारानी – शांति सिंह
– एम्बेसडर – तनीषा लहरी
– राइजिंग स्टार – पायल चंद्रवंशी
इसके अतिरिक्त रनर अप एवं सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए। विशेष बात यह रही कि सभी डेढ़ सौ (150 से अधिक) प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह व आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, और संस्कृति की असली मिसाल पेश कर हर प्रतिभागी बालिकाओं एवं महिलाओं के प्रयास को प्रोत्साहित किया।
सहयोगियों का सम्मान – संस्कृति का असली परिचय

संस्कृति महिला ग्रुप ने मंच से केवल नृत्य नहीं, बल्कि सम्मान की संस्कृति भी दिखाई। कार्यक्रम की सुरक्षा हेतु तैनात महिला रक्षकों, कार्यक्रम में पधारे अतिथियों, मीडिया से आए पत्रकारों, रिपोर्टरों एवं गणमान्य अतिथियों को ग्रुप के द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। समारोह में नवल किशोर पांडेय, आनंद ठाकुर, उपाध्यक्ष सुमित तिवारी सहित अनेक वक्ताओं ने संस्कृति ग्रुप की सराहना की।
नवमी पर कन्या भोज – 108 का संकल्प, 123 कन्याओं का मिला आशीर्वाद

नवरात्रि की नवमी के पावन दिवस पर संस्कृति महिला ग्रुप द्वारा नगर के प्राचीन जोरा मंदिर में 108 कन्याओं के कन्या भोज का आयोजन रखा गया था, जिसमें माता रानी की कृपा से 123 कन्याएं हुए शामिल । सभी कन्याओं का विधि विधान से पूजन ,तिलक ,चुनरी ओढाकर स्वागत किया गया , और कन्या भोज कराकर उपहार भेंट किया गया । ग्रुप द्वारा सभी के लिए भोग, भंडारा एवं प्रसाद की उत्तम व्यवस्था की गई। कन्या पूजन कर नगर की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
200 से ज्यादा महिलाओं-बच्चियों की सहभागिता, 20 दिनों तक चला अभ्यास, प्रोफेशनल कोरियोग्राफी मुकेश सर एवं किंशुक सर के मार्गदर्शन से और पूरे नगर का सहयोग – यह गरबा पंडरिया के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। सच ही कहा गया है – संस्कृति महिला ग्रुप केवल आयोजन तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कृति को जीने वाला समूह है। नगर वासियों ने कहा संस्कृति महिला ग्रुप साल भर सामाजिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन करते रहते हैं घर पर के साथ कन्या भोजन भी इस परंपरा का एक हिस्सा है और संस्कृति महिला ग्रुप अपने नाम के अनुरूप 100% संस्कारित ग्रुप है जो नगर के लिए एक गौरव है










