मनरेगा के नाम बदलाव और मजदूरी भुगतान को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी, सरकार की योजनाओं पर उठ रहे सवाल – प्रहलाद सिंह धुर्वे

TCN TIMES NEWS KAWARDHA : प्रहलाद सिंह धुर्वे जिला मिडिया प्रभारी आदिवासी कांग्रेस कवर्धा ने बताया की ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और मजदूरी भुगतान को लेकर असंतोष की स्थिति सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का नाम बदलने के बाद भी उन्हें रोजगार और मजदूरी का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। काम की मांग करने के बावजूद रोजगार मिलने और मजदूरी का भुगतान समय पर होने में परेशानी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ग्रामीणों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है। वहीं राजनीतिक स्तर पर भी इसे लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का दावा है कि रोजगार योजना के नाम परिवर्तन और व्यवस्थागत बदलावों का असर ग्रामीण मजदूरों पर पड़ रहा है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह VB-G RAM G अधिनियम लागू किया है, जिसमें ग्रामीण परिवारों के लिए 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी का प्रावधान है।
अब बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीण मजदूरों को रोजगार और मजदूरी का लाभ समय पर कब मिलेगा? सरकार और संबंधित विभाग को ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान देकर भुगतान व्यवस्था को सुचारु बनाने की जरूरत है।

