संस्कृति महिला ग्रुप गरबा उत्सव मे सजेगा महाकाल का दरबार..

नगर के पीएम श्री आत्मानंद स्कूल परिसर में सजेगा महाकाल का दरबार
( गरबा नृत्य में दिखेगा भक्ति, संगीत और आस्था का अद्भुत संगम)
TCN TIMES NEWS PANDRIYA पंडरिया। नगर की सांस्कृतिक चेतना और नारी शक्ति की पहचान बन चुका संस्कृति महिला ग्रुप अपने छठवां वर्ष के भव्य आयोजन के साथ एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। ग्रुप के छठवें वर्ष के गरबा उत्सव का भव्य शुभारंभ 15 अक्टूबर, प्रथम दिवस को नगर के पीएम श्री आत्मानंद स्कूल परिसर में होने जा रहा है।
इस वर्ष के आयोजन को और अधिक दिव्य व भव्य बनाने के लिए प्रथम दिवस की थीम रखी गई है – आज सजेगा महाकाल का दरबार”
संस्कृति महिला ग्रुप की सदस्यों ने बताया कि इस पावन अवसर पर पूरा परिसर महाकालमय हो जाएगा। भगवान महाकाल की भव्य झांकी, दिव्य आराधना और गरबा नृत्य के माध्यम से भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिलेगा जो पंडरिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा।
इस वर्ष का विशेष आकर्षण – महाकाल की भव्य दीप महाआरती
इस बार के आयोजन का सबसे बड़ा और दिव्या आकर्षण होगा महाकाल की भव्य दीप आरती। दीपों की जगमगाहट शंखनाद ढोल डमरू की गूंज और महाकाल के जयकारों के बीच जब महाकाल की आरती होगी तो ऐसा प्रतीत होता मानव स्वयं उज्जैन का महाकाल दरबार पंडरिया में उतर आया हो दीपक के प्रकाश में महाकाल की भव्य झांकी का दर्शन भक्तों को एक अलौकिक अनुभूति प्रदान करेगा।
कार्यक्रम की विशेष झलकियां –
– महाकाल बाबा की अलौकिक और भव्य झांकी
– पारंपरिक परिधानों में माता और महाकाल की आराधना
– गरबा नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति में भक्ति का समावेश
– ढोल-नगाड़ों की थाप पर महाकाल की भक्ति में झूमता नगर
इस पूरे भव्य आयोजन का निर्देशन *कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध प्रोफेशनल कोरियोग्राफर मुकेश सर एवं किनसुक कर* के द्वारा किया जा रहा है। उनके कुशल निर्देशन में सभी महिला सदस्य पिछले कई दिनों से गरबा नृत्य का अभ्यास कर रही हैं, ताकि भक्ति के साथ-साथ कला का भी अद्भुत प्रदर्शन हो सके।
कार्यक्रम में सभी महिला सदस्य पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर महाकाल और माता की आराधना करेंगी और महाकाल की भक्ति में लीन होकर गरबा नृत्य करेंगी, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति, शक्ति और संस्कृति की त्रिवेणी बहेगी।
संस्कृति महिला ग्रुप ने नगर की सभी माताओं, बहनों और श्रद्धालुओं से इस भव्य शुभारंभ में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। यह आयोजन केवल एक गरबा उत्सव नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, हमारी पहचान और हमारी संस्कृति का उत्सव है।










