सावन के अंतिम सोमवार को प्राथमिक शाला केशलीगोड़ान में पंच गणेश धुर्वे ने कराया न्योता भोज

बच्चों को कराया स्वादिष्ट भोजन, सेवा को बताया ईश्वर की आराधना का माध्यम; समुदाय की पहल बनी प्रेरणा
TCN TIMES NEWS PANDRIYA – विकासखंड पण्डरिया के बिरकोना संकुल अंतर्गत संचालित शासकीय प्राथमिक शाला केशलीगोड़ान में सावन माह के अंतिम सोमवार के अवसर पर ग्राम पंचायत के पंच गणेश धुर्वे द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष न्योता भोज का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों को खीर, पूरी, छोले-चना-आलू एवं पापड़ सहित स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन कराया गया। स्वादिष्ट भोजन पाकर विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला।
पंच गणेश धुर्वे ने कहा कि पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार को बच्चों को भोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सेवा करना और उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ईश्वर की आराधना के समान है। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी विद्यालय एवं विद्यार्थियों के हित में आगे आकर सहयोग करने की अपील की।

विद्यालय परिवार ने पंच गणेश धुर्वे के सेवा भाव की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। विद्यालय परिवार का कहना है कि समुदाय की सक्रिय सहभागिता से विद्यालय और ग्रामीणों के बीच आत्मीय संबंध मजबूत होते हैं। शिक्षा एवं विद्यार्थियों के हित में समुदाय द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयास निश्चित रूप से अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायी हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर भी किया था सराहनीय सहयोग
ज्ञातव्य हो कि पंच गणेश धुर्वे द्वारा हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी शासकीय प्राथमिक शाला केशलीगोड़ान के 124 विद्यार्थियों को अपने स्वयं के व्यय से लगभग चार हजार रुपये की लागत से टाई एवं बेल्ट खरीदकर वितरित किए गए थे। विद्यार्थियों के हित में लगातार किए जा रहे उनके इन प्रयासों से बच्चों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
विद्यालय के प्रधान पाठक शिवकुमार बंजारे, शिक्षक सत्येन्द्र नाथ प्रताप सिंह एवं शिक्षिका लता चांदसे ने कहा कि शिक्षा केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समुदाय की सहभागिता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पंच गणेश धुर्वे द्वारा बच्चों के लिए किए जा रहे सहयोग से अन्य ग्रामीणों को भी विद्यालय और विद्यार्थियों के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा मिलेगी।
समुदाय की यह सकारात्मक पहल शिक्षा के प्रति जनभागीदारी, सामाजिक सरोकार और बालहित के प्रति संवेदनशीलता की अनुकरणीय मिसाल बनकर सामने आई है।














