वनांचल की कक्षा से निकली ज्ञान की लौ, छत्तीसगढ़ में बिखेर रही नवाचार की रोशनी..

तुलस की रोचक शिक्षण शैली से कठिन रसायन बन रहा बच्चों का आसान विषय..
वनांचल क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कामठी, जहाँ बैगा एवं अन्य जनजातीय समुदाय के विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, वहाँ व्याख्याता श्री तुलस राम चंद्राकर रसायन शास्त्र को पारंपरिक तरीके से हटकर कहानी, गीत, प्रयोग, रोचक गतिविधियों, अभिनव विधियों एवं जीवंत उदाहरणों के माध्यम से पढ़ा रहे हैं। उनकी कक्षाओं में बच्चे केवल सुनते नहीं, बल्कि गतिविधियों में भाग लेकर देखते, करते, सोचते और सीखते हैं। इससे रसायन शास्त्र जैसे कठिन विषय भी विद्यार्थियों के लिए सरल और आनंददायक बन रहे हैं।
कामठी से प्रदेश के कोने-कोने तक पहुँच रही नवाचार की गूंज..

श्री चंद्राकर की रोचक कक्षाओं एवं डिजिटल केमिस्ट्री लैब की चर्चा अब जिले से निकलकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों तक पहुँच रही है। अन्य जिलों के शिक्षक साथी उनसे संपर्क कर इनकी शिक्षण विधियों एवं डिजिटल लैब की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और अपने विद्यालयों में भी इसे लागू करने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। विभिन्न पाठों को कहानी, गतिविधि और जीवंत उदाहरणों से विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत करने की यह पहल शिक्षा में नवाचार की नई मिसाल बन रही है।










